Thursday, November 11, 2010

सरज़मीन ऐ वतन स्वागतम सवागतम

सर ज़मीन ऐ वतन
स्वागतम सवागतम
स्वागतम सवागतम

आन तेरी SALAMAT RAHE मंगलम -
ओ शुभम ओ शुभम
ओ शुभम ओ शुभम
सरज़मीन ऐ वतन
स्वागतम सवागतम
सवागतम सवागतम

तेरी मेन्ह्मान नवाजी के ज़ेर ऐ असर,
शेहर ऐ बक्का मैं रब KA बना एक घर ,
ब्येत ऐ मामूर की तर्ज़ पर मोतबर
रुख करे जिसका BANDAA बने सजदा गर,
सींच के तुझ से खिला अम्बियाई निजाम ,
तेरा रुतबा हमारे लिये मोहतरम ,

स्वागतम स्वागतम ,
स्वागतम स्वागतम ,
सर ज़मीन ऐ वतन
मर्हबन मर्हबन ,
सवागतम सवागतम
आन तेरी SLAMAT RAHE MANGALAM -
ओ शुभम ओ शुभामो
शुभाम् ओ शुभम
सर ज़मीन ऐ वतनस्वागतम
स स्वागतम स्वागतम

तेरी खुशबु तेरे सब्ज़ तेरा गगन ,

तेरी नाघ्मा निगारी की पहचान हैं ,

तेरु नदियाँ तेरे मौसमी पेच ओ ख़म,

तुझको रब का दिया एक इनाम हैं ,

JAB BHI TERI WAFA KA HAWALA MILA,

तेरे TUKRON KO AEK JAAN PHIR डैन गे हम

ओ शुभम ओ शुभम

O SHUBHAM O SHUBHAM,

SAR ZAMEEN AE WATAN

स्वागतम स्वागतम,

मर्हबन मर्हबन

Thursday, November 5, 2009

तोहफतुल हिंद


TOHFAT-UL HIND
(A GIFT OF INDIA)
According to the sayings of the Prophet’s companions such as Caliph Hazrat Ali, Ummul Momineen Hazrat Ayesha, Adam, the first human being and the first Prophet of Islam sent on earth, descended on Sarandeep island (now situated in Ceylon).