स्वागतम सवागतम
स्वागतम सवागतम
आन तेरी SALAMAT RAHE मंगलम -
ओ शुभम ओ शुभम
ओ शुभम ओ शुभम
सरज़मीन ऐ वतन
स्वागतम सवागतम
सवागतम सवागतम
तेरी मेन्ह्मान नवाजी के ज़ेर ऐ असर,
शेहर ऐ बक्का मैं रब KA बना एक घर ,
ब्येत ऐ मामूर की तर्ज़ पर मोतबर
रुख करे जिसका BANDAA बने सजदा गर,
सींच के तुझ से खिला अम्बियाई निजाम ,
तेरा रुतबा हमारे लिये मोहतरम ,
स्वागतम स्वागतम ,
स्वागतम स्वागतम ,
सर ज़मीन ऐ वतन
मर्हबन मर्हबन ,
सवागतम सवागतम
आन तेरी SLAMAT RAHE MANGALAM -
ओ शुभम ओ शुभामो
ओ शुभाम् ओ शुभम
सर ज़मीन ऐ वतनस्वागतम
स स्वागतम स्वागतम
तेरी खुशबु तेरे सब्ज़ तेरा गगन ,
तेरी नाघ्मा निगारी की पहचान हैं ,
तेरु नदियाँ तेरे मौसमी पेच ओ ख़म,
तुझको रब का दिया एक इनाम हैं ,
JAB BHI TERI WAFA KA HAWALA MILA,
तेरे TUKRON KO AEK JAAN PHIR डैन गे हम
ओ शुभम ओ शुभम
O SHUBHAM O SHUBHAM,
SAR ZAMEEN AE WATAN
स्वागतम स्वागतम,
मर्हबन मर्हबन